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Uttar Pradesh: धोपेश्वर नाथ मंदिर का कायाकल्प, काशी और अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जायेगा नाथ कॉरिडोर

Uttar Pradesh धोपेश्वर नाथ मंदिर का कायाकल्प, काशी और अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जायेगा नाथ कॉरिडोर

योगी सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना से नाथ नगरी बरैली को मिलेगी नयी पहचान

उत्तर प्रदेश सरकार ने “नाथ नगरीं” बरेली को वैश्विक धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने की दिशा में एक और अहम पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष संज्ञान में आ रही “नाथ कॉरिडोर” परियोजना के अंतर्गत, बरेली कैंट एरिया में स्थित प्राचीन श्री बाबा धोपेश्वरनाथ मंदिर को वैश्विक स्तर पर आधुनिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा।

बरेली का यह ऐतिहासिक मंदिर अब अयोध्या धाम और कशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर सजेगा और विकसित किया जायेगा। इस परियोजना के अंतर्गत प्राचीन विरासत को संरक्षित करने के साथ श्रद्धालुओ और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही है।

Uttar Pradesh धोपेश्वर नाथ मंदिर का कायाकल्प, काशी और अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जायेगा नाथ कॉरिडोर
Uttar Pradesh धोपेश्वर नाथ मंदिर का कायाकल्प, काशी और अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जायेगा नाथ कॉरिडोर

धोपेश्वर नाथ मंदिर में बनेंगी ये दमदार आधुनिक सुविधाएं आधुनिक सुविधाएँ

श्री बाबा धोपेश्वर नाथ मंदिर परिषर को केवल धार्मिक स्थल तक सिमित नहीं रखा जायेगा, बल्कि इसे एक जीवंत सांस्कृतिक परिसर के रूप में तैयार किया जा रहा है ।

धोपेश्वर नाथ मंदिर में वैदिक लाइब्रेरी और ओपन थ्रीएटर का निर्माण

बरेली कैंटोमेंट बोअरफ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ तनु जैन के अनुसार, मंदिर परिसर में :

  • वैदिक लाइब्रेरी : अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक वैदिक लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी जहा दुर्लभ ग्रन्थ और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े साहित्य उपलब्ध होंगे।
  • ओपन थिएटर: सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भव्य ओपन थिएटर भी बनाया जाएगा।

चमत्कारी जल कुंड का होगा आधुनिक कायाकल्प चमत्कारी

श्री बाबा धोपेश्वर नाथ मंदिर परिसर में मौजूद प्राचीन और चमत्कारी माने जाने वाले जल कुंड को भी आधुनिक फिल्ट्रेशन तकनीक से स्वच्छ रखा जायेगा ।

  • श्रद्धालुओ के लिए स्वच्छ शौचालय ब्लॉक
  • व्यवस्थित प्रसाद वितरण केंद्र
  • भव्य गौशाला का निर्माण

भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इंडियन नॉलेज सिस्टम की स्थापना

आज के इस नयी पीढ़ी को वेदो, पुराणों और भारतीय ज्ञान प्रणाली से जोड़ने के लिए मंदिर परिसर में :

  • सेंटर ऑफ़ एक्सेलन्स
  • भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System ) केंद्र
  • विशेष और अनुकूल वातावरण के साथ लाइब्रेरी

खोले जाने का प्रस्ताव है। इससे स्थानीय युवाओ और शोध कर्ताओ को प्राचीन भारतीय विरासत को समझने का अवसर भी मिलेगा।

पौराणिक इतिहास को जीवंत करती फोकस वाल और वाल आर्ट

श्री बाबा धोपेश्वर नाथ मंदिर का महाभारत कालीन इतिहास और ध्रूम ऋषि की तपस्या से गहरा सम्बन्ध है। इससे जीवंत रूप देने के लिए मंदिर परिसर में :

  • विशेष फोकस वाल
  • आकर्षक वाल आर्ट

तैयार किया जा रहा है, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओ को मंदिर के प्राचीन गौरव से रूबरू कराएंगी तैयार की जा रही हैं, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मंदिर के प्राचीन गौरव से रूबरू कराएंगी।

नाथ कॉरिडोर से बरेली को मिलेगी नई पहचान

बरेली नाथ कॉरिडोर परियोजना का मुख्य उद्देश्य बरेली को राष्ट्रीय स्टार के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर के चारो और सुव्यवस्थित परिक्रमा मार्ग विकसित किया जायेगा। वही मथुरा और कशी की तर्ज पर धार्मिक पर्यटन को भी इससे बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा स्थानीय व्यापर और रोज़गार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस अनोखी पहल से न केवल श्री बाबा धोपेश्वर नाथ मंदिर को एक नया स्वरुप मिलेगा बल्कि बरेली शहर पुरे विश्व में नाथ नगरी के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचाना जायेगा। ये परियोजना धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक द्रष्टिकोण से बेहद अहम साबित होगा।

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